ग्राम्यांचलों में जल स्वावलम्बन चेतना की गूंज
बांसवाड़ा, 25 नवंबर। बांसवाड़ा जिले की उम्बाड़ा ग्राम पंचायत मुख्यालय का माहौल मंगलवार को पानी बचाने के नाम रहा। दिन में स्कूली बच्चों की रैली और बाल सभा ने पानी को संग्रहित करने और बचाने का पैगाम दिया वहीं रात में पूरा माहौल मंगल गीतों और लोकनृत्यों पर थिरकता रहा।
वागड़ लोक कला एवं विकास सेवा संस्थान के लोक कलाकारों ने वाद्यों की धुन पर एक से बढ़कर एक कार्यक्रम पेश करते हुए इनके जरिये ग्रामीणों को पानी के महत्त्व के बारे में समझाया। इस दौरान गांव का पानी गांव में रोकने, जलाशयों की सार-संभाल करने, पानी बचाने, सदुपयोग, व्यर्थ बह कर जाने वाले पानी के उपयोग आदि पर नुक्कड़ नाटक, नारों, गीत-नृत्यों एवं संवाद शैली में कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए ‘जल ही जीवन है’ के विभिन्न पक्षों से अवगत कराया। इस कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के प्रथम चरण अन्तर्गत किया गया।
सरपंच सुरेन्द्र निनामा की अध्यक्षता, शंभूसिंह के मुख्यातिथ्य एवं मनोज वैष्णव एवं पुरुषोत्तम के विशिष्ट आतिथ्य में हुए इस लोक चेतना कार्यक्रम में लोक कलाकार शिवनाथ रावल के निर्देशन में लोक जागृति एवं संदेश परक कार्यक्रमों ने ग्रामीणों का मन मोह लिया।
सरपंच सुरेन्द्र निनामा ने ग्राम पंचायत में जल चेतना एवं जलसंरक्षण से संबंधित तमाम गतिविधियों को ग्राम्य विकास में महत्वपूर्ण बताया और कहा कि ग्राम पंचायत अपने स्तर पर भी इस दिशा में प्रभावी कार्य संपादित करेगी। आभार मनोज ने जताया।
गांवों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम
इसी प्रकार करजी, थालीतलाई, जगपुरा, वगेरी, मोनाडूंगर, मोतासुला, तेजपुर, कलिंजरा, लालपुरा, छोटा डूंगरा आदि क्षेत्रों में लक्ष्मण भाई, कल्पना खांट, नारायण, सोहनलाल आदि लाक कलाकारों के नेतृत्व में जल स्वावलम्बन विषयक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई और ग्रामीणों को पानी के महत्व तथा पानी बचाने के तौर-तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।
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