Wednesday, December 2, 2015

‘जल ही जीवन है, इसको बचाना हमारा दायित्व है’

‘जल ही जीवन है, इसको बचाना हमारा दायित्व है

लोक कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां
बांसवाड़ा, 2 दिसम्बर/ मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान को सफल बनाने तथा आमजन में जल संग्रहण एवं जल का महत्व समझाने के लिए जिला प्रशासन के निर्देशन में कला जत्थों के द्वारा बालावाडा, पोलापान, हरियागढी, उम्मेदपुरा, टिमुरवा, खेडा, रुपारेल, बगायचा, उमराई, पालीबडी तथा उमरीनाल में जन जागृति हेतु कला जत्थों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
ग्राम पंचायत खेड़ा में सरपंच श्रीमती पुष्पा देवी के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान में जन प्रतिनिधियों व ग्रामीणों की उपस्थिति में लोक कलाकारों द्वारा जल ही जीवन है, इसकी हिफाजन करने तथा इसकी महत्ता को पहचानने की जानकारी देने के साथ ही पानी के अभाव में जीवन में आने वाली समस्याओं, पानी का अपव्यय रोकने, बाग-बगीचे लगाने, गांव का पानी गांव में रोकने, वर्षा के पानी का भरपूर उपयोग करने, भूजल स्तर को बढ़ाने आदि विषयों पर लोक कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक, गीत, कविता व संवाद द्वारा जल बचाने की जन जाग्रति के कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
इस मौके पर लोक कलाकारों द्वारा दिए गए मन मोहक प्रस्तुतियों पर ग्रामीणों ने उत्साहवद्र्धन किया। इससे पूर्व लोक कलाकारों द्वारा स्कूली विद्यार्थियों की रैली का आयोजनकर पानी बचाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर कलाकार किशनलाल, कालूराम, लक्ष्मणलाल, कालूलाल, उदयलाल ने मन मोहक प्रस्तुतियां दी। इस अवसर पर खेड़ा के मणिलाल पटेल, योगेश, विनोद पाटीदार, कुलदीप द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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